पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर. छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक अराजकता सहित सिविल सेवा के उच्च मापदंडों की धज्जियां उड़ाते देखने के लिए छत्तीसगढ़ का अपेक्स बैंक राज्य के अन्य विभागों सहित अन्य स्वायत्तशासी संस्थाओं का एक रोल माडल बन गया है।
प्रशासनिक अराजकता सहित सिविल सेवा के गैर जिम्मेदाराना रवैया का इससे बड़ा क्या उदाहरण हो सकता है कि आर्थिक अनियमितता और गबन-घोटाले का मुख्य आरोपी तात्कालिक शाखा प्रबंधक डी. आर. बाघमारे अपेक्स के प्रबंध संचालक को शपथपत्र प्रस्तुत कर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को नाम और राशि सहित यह बताता है कि इस गबन- घोटाले में कौन-कौन शामिल हैं फिर भी प्रबंध संचालक हाथ में हाथ डाल कर मौन बैठे है। आज तक इस शपथ पत्र में कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया जाना स्पष्ट रूप से संदेश है कि करोड़ों की अफरातफरी में पैसे कहां तक पहुंचें है ?
4-5 नवंबर 2024 को अपेक्स की बरमकेला ब्रांच में करोड़ों रूपए की अफरातफरी की जाती है। किसानों के डी.एम.आर एकाउंट से ना सिर्फ अन्य संदिग्ध खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं बल्कि बगैर वाउचर और किसानों के सिग्नेचर के नकद निकासी भी की जाती है। उस समय बैंक के तीन नियमित कर्मचारियों में एक अवकाश पर रहती है बाकी सभी आऊटसोर्सिंग के कर्मचारी रहते हैं। 4-5 नवंबर में हुई करोड़ों के खेल की जांच महीनों चलती है।
जांच में आशीष पटेल जो पूरे घोटाले में सह अभियुक्त हैं वरिष्ठ अधिकारियों के सामने 10 मार्च 25 को यह बयान देता है कि 4-5 नवंबर को बैंक के बरमकेला ब्रांच में हुई अनियमित लेन-देन की राशि को वरिष्ठ अधिकारी अभिषेक तिवारी के निर्देश पर सेवा सहकारी समिति,बोंदा के समिति प्रबंधक वीरेंद्र पटेल को प्रदान किया गया है। वहीं डी.आर बाघमारे ने अपने बयान में कहा कि समिति प्रबंधक वीरेंद्र पटेल के निवास ग्राम नौघटा में रात 11 बजे पहुंचने और बात करने पर वीरेंद्र पटेल ने स्पष्ट कहा कि "आप अभिषेक तिवारी से बात कर लो,वो कहेंगे तो मैं संपूर्ण राशि को बैंक में जमा कर दूंगा।
पूर्ववर्ती भूमि विकास बैंक के वरिष्ठ अधिकारी और वर्तमान में अपेक्स बैंक में प्रबंधक के रूप में कार्यरत अभिषेक तिवारी का विवादों से पुराना नाता है। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि भूमि विकास बैंक के डूबने में सबसे बड़ी भूमिका अभिषेक तिवारी और उनके सहकर्मियों की है।
बैंक के बंद होने के पश्चात अपने राजनैतिक संबंधों का उपयोग कर अभिषेक तिवारी ने बैंक के सभी कर्मचारियों की सेवाएं अपेक्स बैंक में परिवर्तित करा ली थी। बरमकेला कांड में पूर्ववर्ती भूमि विकास बैंक के इन्हीं कर्मचारियों की भूमिका सबसे संदिग्ध है।
इस कांड में तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने जो शपथ पत्र प्रस्तुत किया है कि किन किन अधिकारियों को गबन-घोटाले का पैसा गया है उसमें अभिषेक तिवारी, सुनील सोढ़ी, हेमंत चौहान, और आशीष पटेल भूमि विकास बैंक के ही पूर्ववर्ती कर्मचारी है।
सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 11 जून को अपेक्स बैंक के नवनियुक्त चेयरमैन केदार नाथ गुप्ता ( प्राधिकृत अधिकारी) के शपथग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री एवं चेयरमैन के उद्बोधन एवं पूरे कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी जिन दो प्रमुख अधिकारियों को दी गई थी उसमें से एक अभिषेक तिवारी थे। क्या यह स्वाभाविक तौर पर संदेश था प्रबंध संचालक से निकटता, राजनैतिक पहुंच और बाहुबल का ?
यह भी पढ़े :- गैर बैंकिंग अधिकारी के पास अपेक्स की कमान, निलंबित कर्मचारी के जीवननिर्वाह भत्ते के लिए थाना प्रभारी से मांगा अभिमत
अगले अंकों में गबन की गई राशि के बंदरबांट का बड़ा खुलासा...3