November 30, 2024

अपेक्स बैंक की बरमकेला ब्रांच में हुई करोड़ों की हेराफेरी से मुख्यालय में मचा हड़कंप, आनन-फानन में चार जांच टीमों का गठन और एफआईआर की तैयारी


रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN24 न्यूज चैनल की खबर का इंपेक्ट

पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर। रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN 24 डिजिटल न्यूज चैनल ने पिछले दिनों अपेक्स बैंक की बरमकेला ब्रांच में हुई करोड़ों रुपए की हेराफेरी और आर्थिक अनियमितता का एक बहुत बड़ा खुलासा किया था।

दरअसल 4-5 नवंबर को को करोड़ों रूपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन किये गये थे। जिसमें सहकारी समितियों के खातों से भारी मात्रा में राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर नगद निकासी की गई थी। प्रारंभिक जांच में ही 60 से 70 लाख रुपए की हेराफेरी सामने आई थी। इसी आधार पर शाखा प्रबंधक डी.आर.वाघमारे,लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष पटेल को निलंबित कर दिया गया था साथ ही आऊटसोर्सिंग कंपनी C.D.O सिक्योरिटी सर्विस के पांच कर्मचारियों की सेवा पूर्णतः समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही नये शाखा प्रबंधक अरविंद शुक्ला को मुख्यालय द्वारा आदेश जारी कर अधिकृत किया गया है कि इस पूरे मामले की तत्काल एफआईआर दर्ज करायें।


रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN 24 द्वारा इस मामले को उजागर करने के बाद से ही नवा रायपुर स्थित अपेक्स बैंक के मुख्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यालय द्वारा आनन-फानन में बरमकेला ब्रांच में हुई आर्थिक अनियमितता, कदाचार और करोड़ों की हेराफेरी की जांच के लिए एजीएम भूपेश चंद्रवंशी की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। बरमकेला ब्रांच में हुई हेराफेरी और आर्थिक अनियमितता की प्रारंभिक जांच भी एजीएम भूपेश चंद्रवंशी ने ही की थी और इस पूरी गड़बड़ियों को पकड़ लिया था। फोन पर उनसे संपर्क किया गया था और बैंक का पक्ष जानना चाहा था तो उन्होंने रायपुर न्यूज नेटवर्क से बातचीत में स्वीकार किया था कि प्रारंभिक जांच में ही प्रथम दृष्टया बड़ी राशि का हेरफेर दिख रहा है। पूरी जांच में ही कुल राशि का पता चल पाएगा कि कितनी बड़ी राशि की निकासी की गई है।


इसके साथ ही रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ जिले की नौ अन्य ब्रांच की गड़बड़ी की आंशका में तीन अन्य जांच दलों का गठन भी किया गया है। एजीएम अरुण पुरोहित की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम जशपुर, पत्थलगांव और सारंगढ़ ब्रांच की जांच करेगी। एजीएम एल.के.चौधरी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम रायगढ़, खरसिया और पुसौर ब्रांच की जांच करेगी। प्रबंधक अभिषेक तिवारी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम कुनकुरी, लैलूंगा, और धरमजयगढ़ ब्रांच की जांच करेगी। ये जांच टीमें पंद्रह दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यालय में प्रस्तुत करेंगी।

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संयुक्त रायगढ़ जिले में रिजर्व बैंक द्वारा जिला सहकारी बैंक का लाईसेंस निरस्त कर दिया गया है। इस वजह से अपेक्स बैंक द्वारा यहां की नौ शाखाओं का संचालन किया जा रहा है। तीन नई शाखाएं तमनार बगीचा आदि इसी वित्तीय वर्ष में प्रारंभ की जा रही है। और यहां पांच से छः शाखा प्रस्तावित है। रिजर्व बैंक द्वारा जिला सहकारी बैंक का लाईसेंस निरस्त करना यह बताता है कि इस क्षेत्र में सहकारी बैंकों द्वारा कितनी ज्यादा मात्रा में वित्तीय अनियमितता, कदाचार और पैसौ की हेराफेरी की जाती रही है।


इस मामले में सबसे संदिग्ध भूमिका शाखा प्रबंधक डी.आर बाघमारे और लिपिक आशीष पटेल सहित C.D.O के आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों की है। लेखाधिकारी मिनाक्षी मांझी की अनुपस्थिति में उनकी आई.डी.और पासवर्ड का उपयोग करके करोड़ों रूपए का गबन किया। नाम नहीं छापने की शर्त पर बैंक के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट बताया कि लेखाधिकारी मिनाक्षी मांझी का इस पूरे प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है। लेखाधिकारी पूर्णतः अनभिज्ञ थी और इस गबन में उनका कोई लेना-देना नहीं है। पंरतु उनकी आई डी और पासवर्ड का उपयोग किया गया है इसलिए वो भी जांच में शामिल हैं।

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 इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण विषय बैंक मुख्यालय में आई. टी. विभाग भी है जो की प्रतिदिन के ट्रांजेक्शन की निगरानी करता है। इस विभाग के हेड ओएसडी अविनाश श्रीवास्तव है। उन्होंने या उनकी टीम ने संदिग्ध ट्रांजेक्शन को पकड़ा कैसे नहीं ? क्योंकि विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि बैंक के वित्तीय लेनदेन करने वाले अधिकारियों के अवकाश की सूचना आईटी सेक्शन के पास पहुंचाई जाती है ताकि अवकाश में ये अधिकारी- कर्मचारी अपने आईं डी और पासवर्ड का उपयोग करें तो इसकी सतत् निगरानी की जा सके और जब लेखाधिकारी मिनाक्षी मांझी अवकाश पर थी तो जब उनके आईं डी और पासवर्ड का उपयोग किया जा रहा था तो ये अति महत्वपूर्ण विषय निगरानी डिपार्टमेंट से छूटा कैसे ? क्या आईं टी विभाग ने लेखाधिकारी से संपर्क किया और जानने का प्रयास किया ?

इस पूरे मामले में एम.डी और ओएसडी के.एन.कांडे से संपर्क किया गया तो उन्होंने शासकीय कार्य से रायपुर से बाहर होना बताया। शाखा प्रबंधक, लेखाधिकारी और लिपिक से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।



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