पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर.रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN 24 न्यूज नेटवर्क के समाचारों और प्रयासों से बरमकेला कांड में ना सिर्फ अपराध पंजीबद्ध हुआ बल्कि गिरफ्तार कर जेल निरुद्ध किया गया, लड़ाई लंबी है छत्तीसगढ़ के आम जन और किसानों का बैंक लालफीताशाही से ना सिर्फ बचेगा बल्कि गबन-घोटालेबाजों को काल कोठरियों तक भी पहुंचाया जायेगा।
उच्च स्तरीय विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 एवं 10 अगस्त 2025 के समाचार प्रकाशन और प्रसारण के पश्चात अपेक्स बैंक के नवनियुक्त चेयरमैन (प्राधिकृत अधिकारी) केदार गुप्ता प्रबंध संचालक कांडे के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सभी विषय वस्तु से ना सिर्फ परिचय कराया बल्कि अपने स्तर पर पर इन सभी विषयों की विस्तृत और उच्च स्तरीय जांच की तैयारी भी शुरू करने की जानकारी भी दी है। जिला सहकारी बैंक रायगढ़ के लाइसेंस रद्द होने के बाद रायगढ़ और जशपुर क्षेत्र में अपेक्स बैंक सभी 12 शाखाओं का संचालन कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर और वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी रायगढ़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपेक्स की इन शाखाओं से ना सिर्फ समस्त शासकीय योजनाओं का लाभ मिलता है बल्कि ये शाखाएं धान की खरीदी और ऋण वितरण का एक मात्र माध्यम भी है।
करोड़ों रूपए के गबन-घोटाले वाले बरमकेला कांड में डी.जी.एम सहित पूर्ववर्ती भूमि विकास बैंक के अधिकारी- कर्मचारी मास्टर माइंड है, फिर भी आज तक कारण बताओ नोटिस तक नहीं जारी नहीं किया गया। बरमकेला ब्रांच के तात्कालिक शाखा प्रबंधक ने एम.डी को प्रस्तुत शपथपत्र और आवेदन में स्पष्ट बताया है कि किन किन अधिकारियों को धमकीं और दबाव में कितना कितना पैसा कब-कब दिया है।
बाघमारे ने अपने शपथपत्र में प्रबंधन को बताया है कि बरमकेला कांड के बाद शाखा की 18 सेवा सहकारी समितियों से प्रत्येक से 1-1 लाख वसूले गए और 18 लाख की राशि डी.जी.एम भूपेश चंद्रवंशी को पहुंचाये गये। इसके साथ ही डी. आर. बाघमारे के रायपुर स्थित निवास से 10 लाख की जबरन वसूली कर बैंक मुख्यालय में भूपेश चंद्रवंशी तक पहुंचाये गये। वैसे भी भूपेश चंद्रवंशी का विवादों से पुराना नाता है। पूर्व में भी भूपेश चंद्रवंशी पर आर्थिक अनियमितता एवं धोखाधड़ी के आरोप लग चुकें हैं। जिसकी जांच लम्बे समय तक चली थी।
फ़रवरी 2013 में तात्कालिक प्रबंध संचालक सी.पन्ना ने पंजीयक, सहकारी संस्थाएं से भूपेश चंद्रवंशी को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक सेवा अधिनियम के क्रमांक -57 (a) के अंतर्गत आरोपित दंड दिए जाने की अनुमति मांगी थी। जिस पर तात्कालिक पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ ने 21 फरवरी 2013 को ही अपने पत्र द्वारा अनुमति प्रदान कर दी थी। पंरतु अपने आर्थिक और राजनैतिक रसूखों के दम पर इस पर आज तक कार्यवाही नहीं हुई है।
इस विषय पर जानकारी के लिए डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी से लगातार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया
अपेक्स बैंक में गबन-घोटाले और आर्थिक अनियमितता की लंबी फेहरिस्त है जिसे आगे भी हम लायेंगे, क्रमशः -4