रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में सुशासन तिहार-2025 के आयोजन का ऐलान किया है, जो शासन की पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को सुनिश्चित करेगा, जिसका पहला चरण 08 से 11 अप्रैल 2025 तक होगा, जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं के आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
यह आवेदन ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में समाधान पेटी के माध्यम से प्राप्त होंगे। ऑनलाइन आवेदन की भी व्यवस्था की जाएगी और आवेदनकर्ताओं को पावती दी जाएगी। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से इन्हें एक माह के भीतर निराकृत किया जाएगा।
अधिकारियों को समय सीमा के भीतर इनका समाधान सुनिश्चित करना होगा। आवेदन के निराकरण की गुणवत्ता की समीक्षा राज्य और जिला स्तर पर की जाएगी। समाधान शिविरों का आयोजन 05 मई से 31 मई 2025 तक किया जाएगा। इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी और जहां संभव होगा, वहीं समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस तिहार में स्थानीय सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वे तिहार के प्रत्येक चरण में शामिल होंगे और जनता से सीधे संवाद करेंगे।
मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारी प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हो रहा है और लोगों को उनका लाभ मिल रहा है। तिहार को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया, समाधान की निगरानी और जनता के साथ संवाद के लिए विशेष पोर्टल और मोबाइल एप्स का उपयोग भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि सुशासन तिहार सफल हो सके और प्रदेश में सुशासन की स्थापना की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सके।